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मुजफ्फरनगर- जनपद की थाना सिविल लाइन पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने वाहन चोरी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। बुधवार को बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन के पास हुई पुलिस मुठभेड़ के बाद टीम ने गिरोह के 4 शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए बदमाशों के पास से हाल ही में एक बैंकट हॉल से चोरी हुई लग्जरी क्रेटा कार, अवैध हथियार, फर्जी आरसी और नगदी बरामद हुई है।
पुलिस के अनुसार, बीती 10 मार्च को गांधी कॉलोनी निवासी प्रीति नारंग ने तहरीर दी थी कि एक बैंकट हॉल से उनकी क्रेटा कार चोरी हो गई है। एसएसपी संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में गठित टीम लगातार बदमाशों की तलाश में जुटी थी। बुधवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन के पास घेराबंदी की। इसी दौरान क्रेटा सवार बदमाशों ने पुलिस को देख भागने का प्रयास किया। तेज रफ्तार के कारण कार खेत में जा घुसी, जिसके बाद बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस टीम ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए घेराबंदी की और बदमाशों को बिना मौका दिए धर दबोचा। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में अजय तोमर (दिल्ली), आस मोहम्मद उर्फ पप्पू (मेरठ), अरुण उर्फ पिंटू (मेरठ) और तोहसीफ (भीलवाड़ा, राजस्थान) शामिल हैं। पूछताछ में अजय और आस मोहम्मद ने स्वीकार किया कि वे दिल्ली, यूपी और अन्य राज्यों से गाड़ियां चोरी कर फर्जी नंबर प्लेट और आरसी के जरिए उन्हें दूसरे राज्यों में बेच देते थे। राजस्थान निवासी तोहसीफ चोरी की गई इसी क्रेटा की डिलीवरी लेने पहुंचा था।
पकड़े गए बदमाशों का आपराधिक इतिहास बेहद चौंकाने वाला है। गिरोह के सरगना अजय तोमर पर यूपी, दिल्ली और उत्तराखंड के विभिन्न थानों में चोरी और गैंगस्टर एक्ट के 34 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, आस मोहम्मद उर्फ पप्पू पर 16 और अरुण उर्फ पिंटू पर हत्या व गैंगस्टर जैसे गंभीर अपराधों सहित 4 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की क्रेटा, 2 तमंचे, फर्जी आरसी और गाड़ियों को बेचकर कमाए गए 40 हजार रुपये नगद बरामद किए हैं। इस सफल ऑपरेशन का नेतृत्व सिविल लाइन थाना प्रभारी आशुतोष कुमार और एसओजी प्रभारी की टीम ने किया। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य नेटवर्क और खरीदारों की तलाश में जुट गई है।
मुज़फ्फरनगर व्यूज़ | मुज़फ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
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