मुजफ्फरनगर- महंगाई और किसानों के मुद्दे पर गरजे नसीमुद्दीन सिद्दीकी, कहा- 2027 में भाजपा का ‘सूपड़ा साफ’ होना तय

By प्रशांत खत्री

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मुजफ्फरनगर- समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर मोर्चा खोला। शुक्रवार को महावीर चौक स्थित सपा कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने महंगाई, गन्ने के भाव और दलित उत्पीड़न जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने दावा किया कि जनता अब सरकार के खोखले वादों से ऊब चुकी है और 2027 के चुनाव में भाजपा की विदाई निश्चित है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश की लाइफलाइन माने जाने वाले गन्ने की खेती का जिक्र करते हुए सिद्दीकी ने कहा कि आज किसान आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है। डीजल, खाद और बिजली के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे खेती की लागत बढ़ गई है, लेकिन सरकार गन्ने के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी नहीं कर रही। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल कागजों पर किसान हितैषी है, जबकि हकीकत में किसान अपनी फसल के वाजिब दाम के लिए तरस रहा है। उन्होंने मांग की कि सरकार को तुरंत गन्ने के भाव बढ़ाकर किसानों को राहत देनी चाहिए।

पूर्व मंत्री ने प्रदेश में बढ़ती दलित उत्पीड़न की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दलित समाज के साथ हो रहे अत्याचार और न्याय में देरी से समाज में भय का माहौल है। वहीं, ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसे नारों पर तंज कसते हुए सिद्दीकी ने कहा कि दीवारों पर नारे लिखवाने से सुरक्षा नहीं आती। आज भी बहू-बेटियों के साथ हो रही अप्रिय घटनाएं साबित करती हैं कि महिला सुरक्षा के सरकारी दावे पूरी तरह खोखले और केवल इवेंट मैनेजमेंट का हिस्सा हैं।

नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने महंगाई को लेकर सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि रसोई गैस से लेकर पेट्रोल-डीजल तक सब कुछ आम आदमी की पहुँच से बाहर होता जा रहा है। गरीब और मध्यम वर्ग के लिए परिवार चलाना दूभर हो गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाकर केवल विज्ञापनों की राजनीति कर रही है। सपा नेता ने विश्वास जताया कि 2027 में जनता विकास और सामाजिक न्याय को चुनेगी और भाजपा का सूपड़ा साफ कर देगी।

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मुज़फ्फरनगर व्यूज़ | मुज़फ्फरनगर, उत्तर प्रदेश

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