बढ़ता प्रदूषण जनमानस में अनेकों बीमारियों को उत्पन्न कर रहा है हाल ही में कुछ दिनों लोगों में सांस लेने में दिक्कतें महसूस होने लगी है। पश्चिमी यूपी के कई जिलों का AQI गंभीर क्षेणी में पहुँचा हुआ है। सर्दी धीरे धीरे जैसे बढ़ोतरी पर है प्रदूषित हवा भी चिंता का विषय बना हुआ है।
गतदिवस मुज़फ्फरनगर का AQI 400 पहुंच गया था जबकि 13 दिसम्बर को मामूली राहत के साथ AQI 302 दर्ज किया गया। तो वहीं आसपास के जनपद मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद व ग्रेटर नोएडा में भी AQI में बढ़ोतरी हो रही है। नोएडा में शनिवार को 455 AQI दर्ज हुआ। वहीं मुज़फ्फरनगर में ठंड भी बढ़ रही है। प्रदेशभर में मुज़फ्फरनगर सबसे ठंडा जिला बन गया है यहाँ न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मुज़फ्फरनगर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने विभाग के अधिकारियों से लखनऊ आवास पर बातचीत कर AQI में सुधार का आश्वासन दिया था।
बढ़ते प्रदूषण के कई मुख्य कारण हो सकते हैं। जिनमें सड़को पर जलता कूड़ा, फैक्ट्रियों से निकलता प्रदूषित काला धुंआ मुख्य हैं। तो वहीं सर्दी के बढ़ते बढ़ते लोग पन्नी, बोरे आदि भी अलाव के रूप में जलाते नज़र आते हैं जिनसे बदबू के साथ साथ वायु में प्रदूषण भी फैलता नज़र आता है।
शनिवार को सबसे प्रदूषित शहरों में नोएडा शामिल रहा। नोएडा में 455 AQI, ग्रेटर नोएडा में 442 AQI, गाजियाबाद में 430 AQI, मेरठ में 355 AQI तो मुज़फ्फरनगर में 302 AQI दर्ज किया गया।














