मुज़फ़्फ़रनगर जिले के मंसूरपुर थाना क्षेत्र में सोंटा गांव के एक किसान के साथ एक लाख 85 हज़ार रुपये की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया। ठगों ने कृषि संयंत्र का लुभावना विज्ञापन दिखाकर किसान हर्ष राठी को अपने जाल में फंसा लिया।
वेबसाइट के झांसे में फंसा किसान
मार्च 2024 में किसान हर्ष राठी ने एक वेबसाइट पर कृषि संयंत्र से संबंधित विज्ञापन देखा। विज्ञापन में दिए गए लुभावने ऑफर और वादों से प्रभावित होकर किसान ने ठगों से संपर्क किया। ठगों ने किसान से यूपीआई के जरिए 1.85 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए।
पैसे लेकर गायब हुए ठग
रकम प्राप्त करने के बाद ठगों ने वादा किया हुआ कृषि संयंत्र और अन्य सामान भेजने से इनकार कर दिया। ठगी का एहसास होते ही किसान ने मंसूरपुर थाने में इस घटना की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
साइबर हेल्प डेस्क ने की रकम वापस
मंसूरपुर थाने की साइबर हेल्प डेस्क पर तैनात कांस्टेबल रवि कश्यप और उनकी टीम ने इस मामले की जांच शुरू की। टीम ने ठगी की रकम का डिजिटल ट्रैक खंगालकर कार्रवाई की और पूरे 1.85 लाख रुपये किसान के खाते में वापस करवा दिए।
किसान ने जताया आभार
अपनी मेहनत की रकम वापस मिलने के बाद किसान हर्ष राठी ने पुलिस और साइबर हेल्प डेस्क का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पुलिस की तत्परता और साइबर टीम की मेहनत की बदौलत मुझे मेरी मेहनत की कमाई वापस मिल सकी है। मैं इसके लिए उनका दिल से धन्यवाद करता हूं।
पुलिस की अपील
मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी ऑनलाइन विज्ञापन या संदिग्ध लिंक के झांसे में न आएं। पुलिस ने कहा कि किसी भी तरह की संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्प डेस्क पर दें।














