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मुजफ्फरनगर- ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर देश की राजनीति में मचे घमासान के बीच बुधवार को मुजफ्फरनगर की सड़कों पर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी ताकत का अहसास कराया। लोकसभा में महिला आरक्षण बिल के राह में रोड़े अटकाने और विपक्षी दलों की ‘महिला विरोधी’ नीति के खिलाफ भाजपा ने टाउन हॉल से शिव चौक तक विशाल ‘जनआक्रोश पदयात्रा’ निकाली। इस पदयात्रा में हजारों की संख्या में महिलाओं ने शिरकत कर विपक्ष के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया।
विपक्ष की ‘महिला विरोधी’ मानसिकता के खिलाफ आक्रोश
बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे टाउनहॉल मैदान से शुरू हुई यह पदयात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ी, जनसमर्थन का कारवां बढ़ता गया। हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर महिलाएं “नारी शक्ति वंदन अधिनियम—महिला हितों पर प्रहार नहीं सहेगा हिंदुस्तान” के नारे लगा रही थीं। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी पवन अरोड़ा ने बताया कि यह पदयात्रा कांग्रेस, सपा और इंडी गठबंधन की उन नीतियों के खिलाफ है, जिन्होंने संसद में महिला आरक्षण विधेयक को पारित होने में बाधा उत्पन्न की है।
पदयात्रा के समापन पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने तीखे तेवर अपनाए। भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुधीर सैनी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को नेतृत्व की मुख्यधारा में लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन विपक्षी दलों ने बिल का विरोध कर यह साबित कर दिया कि वे महिलाओं को केवल वोट बैंक समझते हैं।” Aएमएलसी वंदना वर्मा ने इसे ऐतिहासिक अन्याय बताते हुए कहा कि आरक्षण बिल का विरोध करना देश की आधी आबादी के अधिकारों का गला घोंटने जैसा है। वहीं, नगरपालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप और पूर्व सांसद अनुराधा चौधरी ने स्पष्ट किया कि अब महिलाएं चुप नहीं बैठेंगी और अपने अधिकारों के लिए यह संघर्ष जारी रहेगा।
2027 से पहले बड़ा राजनीतिक संदेश
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि मुजफ्फरनगर में निकाली गई यह जनआक्रोश पदयात्रा केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि आगामी चुनावों से पहले महिला वोट बैंक को साधने और विपक्ष को घेरने की भाजपा की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है। शिव चौक पर पदयात्रा के समापन के दौरान जिस तरह से महिलाओं की भीड़ जुटी, उसने विरोधियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
मुज़फ्फरनगर व्यूज़ | मुज़फ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
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