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मुजफ्फरनगर- आगामी बकरीद पर्व के मद्देनजर मिलावटी और अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी क्रम में रविवार को थाना चरथावल क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग और प्रशासनिक टीम ने एक साझा विशेष अभियान चलाते हुए कई प्रतिष्ठानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान टीम ने सात अलग-अलग खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए और भारी मात्रा में संदिग्ध तेल को मौके पर ही नष्ट करा दिया।
एसडीएम सदर और पुलिस की संयुक्त छापेमारी
यह बड़ी कार्रवाई अपर आयुक्त प्रशासन (सहारनपुर मंडल) के निर्देश पर की गई। छापेमारी की इस कार्रवाई में अपर आयुक्त एवं निबंधक सहकारी समितियां, एसडीएम सदर, स्थानीय पुलिस बल तथा खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम मुख्य रूप से शामिल रही। टीम के अचानक पहुंचने से मिलावटखोरों और संबंधित दुकानदारों में हड़कंप मच गया।
इन प्रतिष्ठानों से लिए गए सैंपल
संयुक्त टीम ने क्षेत्र के विभिन्न प्रतिष्ठानों की सघन जांच करते हुए चौकड़ा गांव (महताब डेयरी): यहाँ सबसे पहले जांच की गई और ‘मिल्क केक’ का नमूना लिया गया, कुटेसरा गांव (अब्दुल रहमान का प्रतिष्ठान): यहाँ से ‘रिफाइंड पामोलीन ऑयल’ का सैंपल भरा गया तो वहीं औरंग नियाजी का प्रतिष्ठान: इस प्रतिष्ठान पर सघन कार्रवाई करते हुए ‘पनीर, खोया, दही, घी और सफेद बर्फी’ के नमूने लिए गए। अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जांच के दौरान कुटेसरा में अब्दुल रहमान के प्रतिष्ठान पर रखी लगभग पांच पेटी रिफाइंड पामोलीन ऑयल को लेकर टीम को गहरा संदेह हुआ। आशंका जताई जा रही है कि इस तेल का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल मिलावटी पनीर बनाने में किया जाना था। इसके अतिरिक्त, मौके पर तेल के भंडारण की स्थिति भी बेहद अस्वास्थ्यकर और नियमों के विपरीत पाई गई। इस पर त्वरित एक्शन लेते हुए टीम ने करीब 2808 रुपये की अनुमानित कीमत के इस तेल को मौके पर ही नष्ट करा दिया।
मुज़फ्फरनगर व्यूज़ | मुज़फ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
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