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मुजफ्फरनगर- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया राष्ट्र के नाम संबोधन के बाद देश की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष के साथ-साथ अब किसान आंदोलन का प्रमुख चेहरा रहे भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने भी सरकार को आड़े हाथों लिया है। मंगलवार को मुजफ्फरनगर स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से रूबरू होते हुए टिकैत ने भविष्य में ‘लॉकडाउन’ लगने की आशंका जताते हुए सरकार की नीतियों पर कड़ा तंज कसा।
किसान नेता राकेश टिकैत ने प्रधानमंत्री के बयान की तुलना पुराने दौर से करते हुए कहा कि पहले भी जनता से थाली और तालियाँ बजवाई गई थीं और अब फिर से वैसा ही मनोवैज्ञानिक माहौल तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री की अपील के बाद आम जनता में डर और अफरा-तफरी का माहौल है। लोग घबराहट में डीजल, पेट्रोल और गैस सिलेंडर का स्टॉक जमा करने लगे हैं।”
सरकार के विरोधाभासी बयानों पर चुटकी लेते हुए टिकैत ने पूछा कि यदि सरकार और मंत्री यह दावा कर रहे हैं कि देश में किसी भी चीज की कमी नहीं है, तो फिर ’45 दिन के स्टॉक’ जैसी बातें करके जनता को क्यों डराया जा रहा है? उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्टता रखनी चाहिए ताकि जमाखोरी को बढ़ावा न मिले।
डीजल-पेट्रोल की संभावित किल्लत और बढ़ती कीमतों पर बोलते हुए टिकैत ने वीआईपी कल्चर पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा:
”जब देश में संसाधनों की कमी की बात होती है, तो सबसे पहले मंत्रियों और बड़े नेताओं के 20-20 गाड़ियों वाले लंबे काफिलों पर रोक लगनी चाहिए। फिजूलखर्ची कम करने की शुरुआत ऊपर से होनी चाहिए। एक दौर वह भी था जब राष्ट्रपति तक ट्रेन से सफर किया करते थे।” राकेश टिकैत ने ऑर्गेनिक (प्राकृतिक) खेती को बढ़ावा देने के विचार को तो सराहा, लेकिन गैस सिलेंडर की आसमान छूती कीमतों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एक तरफ प्राकृतिक खेती की बात हो रही है, वहीं दूसरी तरफ महंगाई की मार से आम आदमी की कमर टूट रही है।
अगला लक्ष्य पंजाब और उत्तराखंड?
हाल ही में तीन राज्यों के चुनाव परिणामों पर टिप्पणी करते हुए टिकैत ने भाजपा की रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन राज्यों में जीत दर्ज करने के बाद अब भाजपा का अगला राजनीतिक निशाना पंजाब और उत्तराखंड हैं, जहाँ वे अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए हर संभव दांव चलेंगे।
मुज़फ्फरनगर व्यूज़ | मुज़फ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
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