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लखनऊ- उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्री-पेड बिजली मीटरों को लेकर लंबे समय से चल रही ऊहापोह और उपभोक्ताओं की शिकायतों पर सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के प्रबंध निदेशक नितेश कुमार ने एक आधिकारिक पत्र जारी कर प्रदेश में लागू स्मार्ट प्री-पेड मीटर व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर उन्हें पोस्टपेड मोड में परिवर्तित करने का आदेश दे दिया है। इस फैसले के बाद अब उपभोक्ताओं को पहले की तरह बिजली इस्तेमाल करने के बाद महीने के अंत में बिल का भुगतान करना होगा, जिससे रिचार्ज खत्म होने पर अचानक बिजली कटने की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी।
पावर कॉरपोरेशन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, आरडीएसएस योजना के तहत प्रदेश भर में स्थापित किए गए सभी स्मार्ट मीटर, जो वर्तमान में प्रीपेड मोड में चल रहे थे, उन्हें तत्काल पोस्टपेड में बदल दिया गया है। यह परिवर्तन मुख्यालय स्तर से आरएमएस बैकएंड के माध्यम से स्वत: ही संपादित किया जाएगा, जिसके लिए उपभोक्ताओं को कहीं जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इस नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को मई 2026 की बिजली खपत का बिल जून महीने में जारी किया जाएगा और यह पूरी तरह पोस्टपेड पद्धति पर आधारित होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब उपभोक्ताओं को उनके बिल एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
नए आदेश के मुताबिक, हर महीने की 10 तारीख तक बिल जनरेट करना सुनिश्चित किया जाएगा। जिन क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या के कारण ऑटोमैटिक रीडिंग नहीं मिल पाएगी, वहां मैन्युअल रीडिंग लेकर बिल उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विभिन्न डिस्कॉम के व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर भी जारी किए गए हैं, जिनसे बिजली बिल प्राप्त किया जा सकेगा। कॉरपोरेशन ने यह भी साफ किया है कि प्रीपेड से पोस्टपेड में बदलाव के दौरान उपभोक्ताओं की जमा सिक्योरिटी धनराशि को लेकर पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी। वर्तमान में प्रचलित ‘कॉस्ट डाटा बुक-2026’ के अनुसार निर्धारित सिक्योरिटी राशि को जून से शुरू होने वाले आगामी बिलों में चार समान किस्तों में जोड़कर समायोजित किया जाएगा।
बिजली बिलों में आ रही शिकायतों और तकनीकी दिक्कतों के समाधान के लिए विभाग ने 15 मई से 30 जून 2026 तक सभी अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी कार्यालयों पर विशेष काउंटर और कैंप लगाने के निर्देश दिए हैं। घरेलू उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए विभाग ने घोषणा की है कि 30 अप्रैल 2026 तक के पुराने बकाया भुगतान को 10 किस्तों में चुकाने की सुविधा दी जाएगी, जिससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर एकमुश्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। विभाग के इस बड़े फैसले से प्रदेश के करोड़ों उपभोक्ताओं को रिचार्ज की झंझट और अचानक होने वाली बिजली कटौती से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
मुज़फ्फरनगर व्यूज़ | मुज़फ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
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