श्रीराम कथा के पावन मंच से ‘श्री राम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ’ के कारसेवकों का भव्य सम्मान

By muzaffarnagarviews

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मुजफ्फरनगर- नई मंडी रामलीला मैदान में चल रही परम पूज्य श्रद्धेय श्री विजय कौशल महाराज द्वारा ‘श्रीराम कथा’ के आज के दिवस को एक ऐतिहासिक और अविस्मरणीय दिन के रूप में चिह्नित किया गया। कथा के पावन मंच से अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि की मुक्ति के लिए आयोजित ‘विराट यज्ञ’ में अभूतपूर्व योगदान देने वाले कारसेवकों का सम्मान किया गया। जिनमें मुख्य रूप से भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष के पिता स्वर्गीय जयपाल सिंह की धर्मपत्नी श्रीमती सावित्री देवी का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया।

इनके अतिरिक्त डॉ. विनोद सिंघल, डॉ. सुभाष शर्मा, प्रेम, शर्मा, रमेश साईं, ललित माहेश्वरी, अरुण खंडेलवाल, ज्ञानचंद सिंघल, श्यामलाल भाई, श्यामसुंदर दादा, विवेक शर्मा, रामफल सिंह, कमल किशोर गोयल, स्व. लाला अष्टमी चंद, महेंद्र आचार्य, गोपाल महेश्वरी, डॉ. मोहन, रवि शेखरवत्स, अनमोल रतन, विजय टंडन, सत्यपाल, संतलाल, बाल बहादुर, केवल राम, अनिल सोबती, देवी दत्त आचार्य, सतीश सेठी, राजकुमार मलिक, श्रीमती रमा शर्मा, स्वर्गीय शशि गोयल, स्वर्गीय विमल माहेश्वरी, श्रीमती दीपा कौशिक, प्रमोद अरोड़ा, जितेंद्र कुछल, दयानंद, विपिन चौहान, सीताराम आचार्य, राजेंद्र गर्ग, राजीव गर्ग, राधे श्याम विश्वकर्मा, प्रवीण गोयल, कमल प्रसाद गौतम, अनिल धमीजा, अजय जैन, स्व. करतार सिंह, कुलदीप गोयल, बृजेश कुमार, जितेंद्र जैन, पंकज जैन, ताहर सिंह पाल, संजय राठी, रमेश जैन, मणिकांत का भव्य सम्मान समारोह संपन्न हुआ।

यह सम्मान विजय कौशल जी महाराज के कर-कमलों द्वारा किया गया, जिनके प्रभावी नेतृत्व में ही 6 मार्च, 1983 को ‘श्री राम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ’ का सफल आयोजन हुआ था। इस यज्ञ ने देश भर में श्री राम जन्मभूमि आंदोलन की अदम्य अलख जगाने का कार्य किया था। प्रदेश सरकार में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि श्री राम लल्ला मंदिर आंदोलन की आधारशिला वास्तव में मुजफ्फरनगर के राजकीय इंटर कॉलेज मैदान से ही 6 मार्च, 1983 को महाराज श्री के सान्निध्य में रखी गई थी। उन्होंने बताया कि मुजफ्फरनगर वासियों ने उस ऐतिहासिक कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लिया था, जिसने आगे चलकर इस आंदोलन को एक विशाल जनांदोलन का स्वरूप प्रदान किया।

राज्यमंत्री ने सभी कारसेवकों की निस्वार्थ सेवा और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि जन्मभूमि की मुक्ति का बिगुल फूंकने में इन महानुभावों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। प्रसिद्ध उद्योगपति भीमसैन कंसल द्वारा आयोजित इस श्री राम कथा के दौरान, शाम 5 बजे महाराज श्री ने उन सभी समर्पित कारसेवकों को श्रद्धापूर्वक सम्मानित किया, जिन्होंने श्री राम जन्मभूमि के लिए आरंभिक आंदोलन को सशक्त आधार प्रदान किया था।

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