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मुजफ्फरनगर- जनपद पुलिस ने नशे के काले कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए उत्तर भारत के ड्रग माफिया की कमर तोड़ दी है। “ऑपरेशन सवेरा” के अंतर्गत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में पुलिस ने स्मैक तस्करी के किंगपिन बाबू उर्फ रियाज की 80 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति को ज़ब्त कर लिया है। एनडीपीएस एक्ट की धारा 68F के तहत की गई यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश में अब तक की सबसे बड़ी संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई मानी जा रही है।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि अभियुक्त बाबू उर्फ रियाज (निवासी बरेली/शाहजहांपुर) एक शातिर ड्रग तस्कर है, जिसके खिलाफ दिल्ली और यूपी के विभिन्न थानों में 11 से अधिक संगीन मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आदित्य बंसल के नेतृत्व में गठित टीम ने गहन जांच के बाद बरेली और शाहजहांपुर में फैली अभियुक्त की 34 संपत्तियों को चिन्हित किया था। इनमें आलीशान मकान, चार मंजिला कॉम्प्लेक्स, ईंट के भट्टे, बिल्डिंग मटेरियल के शोरूम, करोड़ों की कृषि भूमि और लग्जरी गाड़ियां शामिल हैं।
नशे की काली कमाई से खड़ा किया था साम्राज्य
जांच में सामने आया कि अभियुक्त ने मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन से अपने और परिजनों के नाम पर बेहिसाब संपत्तियां खरीदी थीं। दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी (SAFEM) के आदेश पर 26 और 27 मार्च को बुढ़ाना पुलिस ने शाहजहांपुर और बरेली पहुंचकर इन संपत्तियों को कुर्क कर लिया। ज़ब्त की गई संपत्तियों में अकेले शाहजहांपुर के मीरानपुर में स्थित शोरूम और कॉम्प्लेक्स की कीमत ही कई करोड़ों में है।
एसएसपी का सख्त संदेश- “नशे के सौदागरों की टूटेगी आर्थिक रीढ़”
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने इस ऐतिहासिक सफलता पर कहा कि, “इस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि नशे के व्यापार से अर्जित कोई भी संपत्ति अब सुरक्षित नहीं है। मुजफ्फरनगर पुलिस अपराधियों की आर्थिक रीढ़ तोड़ने के लिए संकल्पित है और यह अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा।”
मुज़फ्फरनगर व्यूज़ | मुज़फ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
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