मुज़फ्फरनगर- क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण को लेकर ग्रामीणों और किसानों का गुस्सा शनिवार को फूट पड़ा। लोगों ने RDF के ट्रकों को रोक दिया और जमकर नारेबाज़ी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि RDF प्लांट से निकलने वाला धुआं और बदबू आसपास के इलाकों में प्रदूषण फैलाकर ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रहा है।
अन्य प्रदेशों व शहरों से फैक्ट्रियों में जलाने के लिए लाये जा रहे कचरे के ख़िलाफ़ किसानों का गुस्सा है। बताया जा रहा है, इस कचरे को जलाने से क्षेत्र की हवा प्रदूषित हो रही है और सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन समेत कई समस्याओं से लोगों को जूझना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने कहा कि दिन-रात चलने वाले RDF के ट्रक सड़क पर धूल और कचरे का ढेर जमा कर देते हैं, जिससे खेतों और घरों में गंदगी फैलती है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो वे बड़े आंदोलन की राह अपनाएंगे। सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाने-बुझाने का प्रयास किया।

ग्रामीणों ने मांग की कि जब तक प्रदूषण नियंत्रण विभाग की रिपोर्ट नहीं आती और उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक RDF ट्रकों की आवाजाही बंद रखी जाए। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से RDF यूनिट की जांच कराने और स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। रात्रि में भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक भी धरने पर पहुँचे।













