मुजफ्फरनगर- (ऑपरेशन सवेरा) जनपद में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ मुजफ्फरनगर पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसएसपी संजय कुमार वर्मा के कुशल निर्देशन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन सवेरा’ के तहत पुलिस ने दो शातिर तस्कर भाइयों की करीब 4 करोड़ रुपये की अवैध चल-अचल संपत्ति को ज़ब्त करने के आदेश सक्षम प्राधिकारी से पारित करा लिए हैं।
मीरापुर पुलिस ने किया था भंडाफोड़
दरअसल, 11 सितंबर 2025 को थाना मीरापुर पुलिस ने ग्राम मंदवाड़ा (बुढ़ाना) निवासी दो भाइयों, लोकेन्द्र और योगेन्द्र को भारी मात्रा में गांजे के साथ गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि इन दोनों भाइयों ने नशे के काले कारोबार से करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की है। एसपी ग्रामीण आदित्य बंसल के नेतृत्व में गठित टीम ने इन संपत्तियों को चिन्हित किया और दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी (NDPS ACT) को रिपोर्ट भेजी।
शामली और मुजफ्फरनगर में करोड़ों की संपत्तियां
पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद, 22 जनवरी 2026 को सक्षम प्राधिकारी ने तस्करों द्वारा स्वयं और परिजनों के नाम पर खरीदी गई 4 संपत्तियों को ज़ब्त करने का आदेश जारी किया।
शामली तहसील में कृषि भूमि।
बुढ़ाना के मोहल्ला खकरोबान में मकान और प्लॉट।
मंदवाड़ा रोड पर आवासीय भूखंड।
खकरोंबान (बुढ़ाना) आवासीय भूखंड।
इन सभी संपत्तियों का बाज़ार मूल्य लगभग 4 करोड़ रुपये आंका गया है।
अपराधियों की आर्थिक रीढ़ तोड़ने का संकल्प
एसएसपी संजय कुमार वर्मा के नेतृत्व में मुज़फ्फरनगर पुलिस का साफ़ सन्देश, मादक पदार्थों की तस्करी से कमाई गई कोई भी संपत्ति अब सुरक्षित नहीं रहेगी। उन्होंने साफ किया कि नशे के कारोबारियों की आर्थिक रीढ़ तोड़ने के लिए यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। लोकेन्द्र और योगेन्द्र का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उनके खिलाफ हरियाणा के पानीपत और मुजफ्फरनगर के विभिन्न थानों में गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। मुजफ्फरनगर पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस का यह “प्रहार” समाज को नशे के जाल से मुक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
मुज़फ्फरनगर व्यूज़ | मुज़फ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
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