मुजफ्फरनगर- पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जनपद मुज़फ्फरनगर की थाना साइबर क्राइम पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से निवेश पर अधिक लाभ का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले साइबर अपराध गिरोह के एक और शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में अब तक 3 करोड़ 09 लाख 22 हजार रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा हो चुका है।
पुलिस अधीक्षक अपराध श्रीमती इन्दु सिद्धार्थ एवं थाना प्रभारी साइबर क्राइम सुल्तान सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर महत्वपूर्ण बरामदगी की है। पुलिस के अनुसार, दिनांक 09 अक्टूबर 2025 को नई मंडी निवासी वादी श्री सचिन कुमार ने थाना साइबर क्राइम में लिखित तहरीर दी थी। तहरीर में बताया गया कि फेसबुक के माध्यम से एक अज्ञात व्यक्ति से उनकी मित्रता हुई, जिसने उन्हें निवेश पर अधिक मुनाफा दिलाने का लालच देकर अलग-अलग खातों में कुल 3 करोड़ 09 लाख 22 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। मामले में थाना साइबर क्राइम पर मु0अ0सं0 32/2025 धारा 318(4) बीएनएस एवं 66डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
इस प्रकरण में पूर्व में दो अभियुक्त मौहम्मद माज एवं अम्बरीश मिश्रा को 07 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं, 23 दिसंबर 2025 को पुलिस ने तीसरे अभियुक्त खालिद पुत्र इनामूलहक निवासी साईपुरम बस्ती थाना कोतवाली नगर जनपद बाराबंकी को गिरफ्तार किया। अभियुक्त के कब्जे से 02 मोबाइल फोन, 01 लैपटॉप एवं 01 वाईफाई राउटर बरामद किए गए हैं।
पूछताछ में अभियुक्त खालिद ने खुलासा किया कि वह बेरोजगार था और नौकरी की तलाश के दौरान साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़ गया। उसने नेपाल, कंबोडिया, चीन और सिंगापुर में सक्रिय साइबर अपराधियों से संपर्क कर ऑनलाइन ठगी के तरीकों की जानकारी ली। इसके बाद उसने टेलीग्राम पर फर्जी पेज बनाकर विभिन्न बैंक खातों की व्यवस्था की और खाताधारकों को कमीशन देकर करोड़ों रुपये का लेन-देन कराया।














