मुजफ्फरनगर- देश में यूजीसी (UGC) के नियमों और फीस वृद्धि को लेकर मचे बवाल के बीच मुजफ्फरनगर के सांसद हरेंद्र मलिक ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मीडिया से मुखातिब होते हुए सांसद मलिक ने सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताते हुए कहा कि यह सरकार केवल मुद्दों से ध्यान भटकाने की राजनीति कर रही है।
सांसद हरेंद्र मलिक ने यूजीसी मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सरकार ने शिक्षा की फीस में बेतहाशा वृद्धि कर गरीब के बच्चों के हाथ से किताब छीनने का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब नौजवान सस्ती पढ़ाई और रोजगार मांगता है, तो सरकार जानबूझकर जातीय विद्वेष और धार्मिक उन्माद फैलाकर जनता का ध्यान भटका देती है। उन्होंने सवाल किया, “15 लाख का वादा भी एक जुमला था, अब रोजगार और सस्ती शिक्षा की बात पर भी केवल जुमलेबाजी हो रही है।”
सांसद ने डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरती कीमत पर प्रधानमंत्री मोदी के पुराने बयानों की याद दिलाई। उन्होंने कहा, “जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब कहते थे कि रुपये का गिरना देश की साख का गिरना है। आज डॉलर 91 रुपये के पार है, अब किसकी साख गिर रही है? सरकार आर्थिक मोर्चे पर पूरी तरह फेल हो चुकी है।”
अयोध्या राम मंदिर को लेकर सांसद ने बड़ा सवाल उठाते हुए कहा कि अधूरे मंदिर में प्रतिमा स्थापित करना मर्यादाओं के विरुद्ध था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “ये कहते हैं कि हम राम को लाए हैं। राम को इस धरती पर कोई नहीं ला सकता, राम सबको इस धरती पर लाते हैं।” उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे धर्म को बदनाम न होने दें। साथ ही, प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के धरने पर बैठने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि संतों को इस स्थिति में लाना देश के लिए शर्म की बात है।
भाजपा के अंदरूनी मतभेदों और यूजीसी मामले पर भाजपाइयों की ‘फूट’ के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह फूट तब क्यों नहीं दिखी जब 750 किसान शहीद हुए या जब एमएसपी (MSP) की गारंटी नहीं दी गई? उन्होंने ‘हिंदू खतरे में है’ के नारे को खारिज करते हुए कहा, “हम भी हिंदू हैं, हमें कोई खतरा नहीं है। यह केवल डर फैलाने की राजनीति है।”
बरेली के नगर मजिस्ट्रेट द्वारा इस्तीफा दिए जाने के सवाल पर मलिक ने कहा कि जब कोई व्यक्ति अत्यधिक मानसिक पीड़ा और दबाव में होता है, तभी वह इस तरह का आत्मघाती कदम उठाता है, जो तंत्र की विफलता को दर्शाता है।
मुज़फ्फरनगर व्यूज़ | मुज़फ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
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