मुजफ्फरनगर- दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के उत्तरी परिसर में महिला पत्रकार रुचि तिवारी के साथ हुई कथित हिंसक घटना की गूँज अब मुजफ्फरनगर में भी सुनाई दे रही है। रविवार को विजय प्रताप सिंह के प्रतिष्ठान पर आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में प्रबुद्ध वर्ग और विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। बैठक में वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ और एक महिला पर हमला बर्दाश्त से बाहर है।
लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रहार है यह घटना
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय जैसे शिक्षा के केंद्र संवाद, विचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के प्रतीक होने चाहिए। ऐसे परिसरों में भय और हिंसा का माहौल होना दुर्भाग्यपूर्ण है। किसी महिला पत्रकार पर भीड़ द्वारा हमला करना न केवल अपराध है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है।
इस दौरान रानी लक्ष्मीबाई जैसी वीरांगनाओं का उदाहरण देते हुए कहा गया कि हमारी परंपरा साहस और नारी सम्मान की रही है। समाज में शांति और आपसी सम्मान को मजबूत करने के लिए कानून और संयम का मार्ग अपनाना अनिवार्य है।
दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई: संजय मिश्रा
प्रमुख समाजसेवी व व्यापारी नेता संजय मिश्रा ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि, “बहन-बेटियों के साथ किसी भी प्रकार की बदतमीजी या हिंसा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” वहीं, बैठक की अध्यक्षता कर रहे विजय प्रताप सिंह ने इस घटना को घोर निंदनीय बताते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर और गिरफ्तारी की मांग की।
सामाजिक कार्यकर्ता राकेश त्यागी ने कहा कि पत्रकारों और महिलाओं की सुरक्षा के प्रति सरकार को और अधिक गंभीर होना चाहिए। इस तरह की घटनाओं पर सरकार को सख्त रोक लगानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य पत्रकार के साथ ऐसी पुनरावृत्ति न हो। इस अवसर पर चंद्र प्रकाश शर्मा, विशाल जैन, शौकीन शर्मा, हिंदूवादी नेता बिट्टू सिखेड़ा, दिनेश, जतिन सहित जनपद के कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में घटना की निष्पक्ष जाँच और दोषियों पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई।
मुज़फ्फरनगर व्यूज़ | मुज़फ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
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