मुजफ्फरनगर- जनपद में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर चारों ओर ‘बम-बम भोले’ की गूंज सुनाई दे रही है। आज 15 फरवरी (रविवार) को महाशिवरात्रि का महापर्व पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। भगवान आशुतोष के जलाभिषेक के लिए मुजफ्फरनगर के तमाम शिवालय सज चुके हैं और शिवभक्तों की भारी भीड़ मंदिरों की ओर रुख कर रही है।
मुजफ्फरनगर जनपद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा का मुख्य केंद्र है। आमतौर पर सावन की शिवरात्रि पर लाखों कांवड़ियों का आगमन होता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से फाल्गुन मास की इस शिवरात्रि पर भी कांवड़ियों की संख्या में भारी बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर आने वाले शिवभक्तों का मुजफ्फरनगर में लगातार आगमन जारी है। सड़कों पर भगवा रंग और भोले के जयकारे गूंज रहे हैं, जो यह दर्शाते हैं कि फाल्गुन की शिवरात्रि का महत्व भी अब सावन की तरह ही बढ़ गया है।
जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस वर्ष फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी को शाम 05:04 बजे से शुरू होकर 16 फरवरी को शाम 05:34 बजे तक रहेगी।
निशीथ काल पूजा (महा मुहूर्त): 15 फरवरी की देर रात 12:09 AM से 01:01 AM तक।
प्रथम प्रहर की पूजा: 15 फरवरी, शाम 06:11 PM से रात 09:24 PM तक।
जलाभिषेक: श्रद्धालु रविवार सुबह से ही मंदिरों में जलाभिषेक कर सकेंगे, लेकिन निशीथ काल में पूजन का विशेष फल मिलता है।

प्रशासन के कड़े इंतजाम
कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मुजफ्फरनगर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। नगर के हृदय स्थल शिव चौक पर विशेष लाइटिंग और बैरिकेडिंग की गई है। कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाली मीट की दुकानों को पहले ही ढकवा दिया गया है ताकि शांतिपूर्ण तरीके से पर्व संपन्न हो सके। स्वयं पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर परिक्षेत्र सहारनपुर व एसएसपी संजय कुमार वर्मा द्वारा शिवचौक पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया।
शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, अक्षत और दूध चढ़ाना अत्यंत फलदायी माना जाता है। मंदिरों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं से शांति बनाए रखने और कतारबद्ध होकर दर्शन करने की अपील की है।
मुज़फ्फरनगर व्यूज़ | मुज़फ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
Email: muzaffarnagarviews@gmail.com

















