लखनऊ- यूपी में एसआईआर (Special Intensive Revision) अभियान का प्रथम चरण समाप्त हो गया है। आगामी 31 दिसम्बर 2025 में ड्राफ्ट जारी किया जाना है। विशेष सूत्रों के मुताबिक पिछली सूची के मुकाबले क़रीब 2 करोड़ 90 लाख लोगों के नाम कटना लगभग तय माना जा रहा है।
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत प्रदेश भर की नई सूची तैयार की जा रही इनमें से उन लोगों के नाम भी हटाये जाएंगे जिनकी मृत्यु हो चुकी है आंकड़े के मुताबिक लगभग 19 प्रतिशत लोगों के नाम काट दिए जाएंगे। ऐसे लोगों के नाम भी वोटर लिस्ट से हटाए जाएंगे जो उत्तर प्रदेश को छोड़ किसी अन्य राज्य में रह रहे हैं और एक से अधिक वोट बने हैं।
बताया जा रहा है चुनाव आयोग के लिए बड़ी चुनौती के रूप में चौंकाने वाला मामला भी सामने आ रहा है। दरअसल विशेष पुनरीक्षण अभियान वर्ष 2003 की लिस्ट के आधार पर चलाया जा रहा है इसमें जाँच में सामने आया है 1 करोड़ से अधिक लोग ऐसे बताए जा रहे हैं जिनका ना तो स्वयं का वोट है और ना ही माता पिता या दादा दादी का अर्थात उनके पास भारत के नागरिक होने रिकॉर्ड ही नहीं है।
अंदेशा जताया जा रहा है इसमे बड़ी संख्या में घुसपैठिये हो सकते हैं, जिनके फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वोटर कार्ड बन गए हों। अब आगामी 31 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन होगा और बिना रिकॉर्ड वाले मतदाताओं को नोटिस भेजे जाएंगे, संतोषजनक जवाब दिए जाने पर ही वह लोग अंतिम व फाइनल वोटर लिस्ट में शामिल हो पाएंगे।


















