मुज़फ्फरनगर- बर्फ़ीली हवाओं के साथ घना कोहरा छाए रहने से शहरी क्षेत्र में लोग ठंड में ठिठुरन महसूस कर रहे हैं। घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी भी बेहद कम देखी गयी जिसने यातायात को भी बुरी तरह प्रभावित करते हुए मानो वाहनों की रफ़्तार थाम ली हो। रेल से लेकर बसों तक यात्रियों की संख्या भी बेहद कम देखी गई है।
ट्रेनों की रफ़्तार हुई धीमी, कई ट्रेन लेट
मुज़फ्फरनगर से गुजरने वाली अनेकों ट्रेन घण्टों विलम्ब से चल रही हैं। घना कोहरे में ट्रेन भी तब दिखाई देती है जब वह बिल्कुल नज़दीक आ जाये। जम्मूतवी शालीमार एक्सप्रेस 2 घण्टे 33 मिनट की देरी से चल रही है तो वहीं इंदौर एक्सप्रेस भी ढाई घण्टे से देरी से चल रही है। शताब्दी एक्सप्रेस भी करीब 41 मिनट विलम्ब से मुज़फ्फरनगर रेलवे स्टेशन पहुंची।
रोड़वेज बसों से सवारी गायब
तो वहीं जब हमारी टीम ने रोडवेज बस स्टैंड का रुख किया तो वहाँ पर भी घने कोहरे का असर साफ़ दिखाई दिया। यात्रियों की संख्या बेहद कम थी। बसों में केवल 2 या 3 सवारी ही यात्रा करते दिखाई दी। अब ऐसे में जब विजिबिलिटी बेहद कम है तो वाहनों की रफ़्तार तो कमी होनी ही थी।
बढ़ती ठंड बढ़ सकती है स्कूलों की छुट्टियां
उत्तर प्रदेश, पंजाब व हरियाणा के जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है। मौसम विभाग ने 31 दिसम्बर तक इन राज्यों के अधिकांश जनपदों में घने कोहरे की प्रबल संभावना जताई है। रविवार सुबह मुज़फ्फरनगर में घने कोहरे के साथ-साथ कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। जिसके चलते मुज़फ्फरनगर प्रशासन द्वारा स्कूलों में अवकाश की समय सीमा भी बढ़ाई जा सकती है।

कोहरे और ठंड के साथ प्रदूषण भी कर रहा परेशान
आज भी घने कोहरे के चलते विजिबिलिटी बेहद कम हो गई है। साथ ही प्रदूषण भी दिल्ली एनसीआर में फ़िर बढ़ गया है। हाल ही में सुधार के बाद grap-4 का प्रतिबंध हटाया गया था, परंतु शनिवार से पुनः दिल्ली एनसीआर में आबोहवा ख़राब हो चुकी है AQI बेहद गंभीर हालत में बना हुआ है। दिल्ली से सटे पश्चिमी यूपी के नोएडा (441) व मेरठ (357) में गंभीर हालत में AQI दर्ज हुआ है। तो वहीं मुज़फ्फरनगर का AQI भी 200 के ऊपर बना हुआ है, जो काफ़ी समस्याओं को जन्म दे रहा है। तो वहीं रविवार सवेरे यहाँ का न्यूनतम तापमान 7 डिग्री तो अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज हुई है।












