मुज़फ्फरनगर- लगातार बढ़ती ठंड से शीतलहर का सितम जारी है। पहाड़ी मैदानों में बर्फ़बारी से मैदानी इलाकों में लगातार ठिठुरन लोगों को बेहाल कर रही है। पहाड़ों जैसी ठंड का एहसास मैदानी क्षेत्रों में भी किया जा रहा है। सुबह और शाम बाज़ारों से रौनक ग़ायब रहती है, जबकि रात्रि में 10 बजे सन्नाटा ही पसर जाता है। मुज़फ्फरनगर में दुकानों का स्टाफ भी शाम होते ही कड़ाके की ठंड का अहसास करने लगे हैं जिसके मद्देनजर उन्हें अलाव का सहारा लेना पड़ता है।
शुक्रवार सुबह से 30 शहरों में कोहरा छाया हुआ है। कोहरे से आगरा रेलवे स्टेशन आने वाली ट्रेनें 7 घंटे तक लेट रहीं। बुलंदशहर में विजिबिलिटी 5 मीटर तक रह गई।
गुरुवार की बात करें तो कानपुर सबसे सर्द जिला रहा। यहां का पारा न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले 5 दिन कड़ाके की ठंड पड़ेगी।

मुजफ्फरनगर में भी इन दिनों ठंड और कोहरे का असर देखा जा रहा है। जिससे सड़कों पर वाहन चालकों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर दिल्ली-देहरादून नेशनल हाइवे-58 पर कोहरे का पूरी तरह से कब्जा हो गया है। जिसके कारण विजिबिलिटी में भारी कमी आई है। सुबह के तापमान में गिरावट देखी जा रही है। जहां एक दिन पहले रात का पारा 10 डिग्री तक पहुंचा था। वहीं शुक्रवार सुबह यह और भी गिरकर 8 डिग्री पर पहुँच गया है। इस अचानक तापमान में गिरावट से ठंड का असर और भी बढ़ गया है। वहीं, हवा की गति भी 8 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही है। जबकि कल सुबह यह 10 किमी प्रति घंटे थी। ठंड से बचाव के लिए लोग अलाव जलाकर और गर्म कपड़े पहनकर राहत की तलाश कर रहे हैं।














