मुजफ्फरनगर- शाहपुर नगर पंचायत क्षेत्र के ऐतिहासिक गांव सोरम में आयोजित तीन दिवसीय सर्वजातीय सर्वखाप पंचायत मंगलवार को संपन्न हो गई। सामाजिक कुरीतियों, परंपराओं और समाज में फैल रही बुराइयों पर मंथन के लिए आयोजित इस विराट पंचायत में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड तथा जम्मू-कश्मीर से सैकड़ों की संख्या में किसान, खाप चौधरी और आम नागरिक पहुंचे। मंच पर 36 बिरादरियों के खाप चौधरी और थंबेदार मौजूद रहे, जिन्होंने सामाजिक सुधारों पर गंभीर चर्चा करते हुए 11 महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए।
पंचायत के मंच पर बालियान खाप के चौधरी और भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत तथा राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी मौजूद रहे। इस ऐतिहासिक पंचायत में राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों को भी निमंत्रण दिया गया था, जिसके तहत पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, प्रदेश के कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, बुढ़ाना विधायक राजपाल बालियान और मुजफ्फरनगर के सांसद हरेंद्र मलिक भी शामिल हुए।
दोपहर 4 बजे सर्वखाप मंत्री सुभाष बालियान ने प्रस्तावों को पढ़कर सुनाया। उन्होंने बताया कि यह सर्वजातीय सर्वखाप पंचायत की सातवीं कड़ी थी, जिसमें 10 प्रस्ताव पहले से आए थे, जबकि 11वां प्रस्ताव यह पास किया गया कि हर 10 वर्ष में सामाजिक कुरीतियों पर ऐसी सर्वजातीय पंचायत अवश्य आयोजित हो। पारित प्रस्तावों में कन्या भ्रूण हत्या, पर्यावरण संरक्षण और जल बचाव, मृत्यु भोज पर रोक, गौ संरक्षण, पंचायत में महिलाओं की भागीदारी, नशाखोरी उन्मूलन जैसे प्रस्ताव शामिल रहे।
पंचायत ने लिव-इन रिलेशनशिप का सर्वसम्मति से विरोध करते हुए सरकार से इसे समाप्त करने की मांग की। इसके अलावा प्रेम विवाह और कोर्ट मैरिज के लिए माता-पिता की अनुमति और उपस्थिति अनिवार्य करने का प्रस्ताव भी पास किया गया। पंचायत ने सुप्रीम कोर्ट से भी अपील की कि प्रेम विवाह को कानूनी मान्यता न दी जाए, क्योंकि इससे समाज और परिवारों में द्वेष उत्पन्न होता है।














