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बाराबंकी- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से सोशल मीडिया पर एक ऐसी तस्वीर और खबर वायरल हो रही है, जिसने सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को साफ कर दिया है। यहाँ एक आम आदमी को घर का चूल्हा जलाने के लिए अपने काम से एक दिन की छुट्टी लेनी पड़ी और कड़ाके की धूप में 9 घंटे लंबी लाइन में खड़ा होना पड़ा।
पूरा मामला बाराबंकी के एक गैस एजेंसी का है, जहाँ पिछले कुछ दिनों से रसोई गैस (LPG) की किल्लत चल रही है। पीड़ित शख्स, जो एक दिहाड़ी मजदूर/निजी कर्मचारी है, ने बताया कि घर में सिलेंडर खत्म होने के कारण खाना नहीं बन पा रहा था। थक-हारकर उसे अपने काम से छुट्टी लेनी पड़ी ताकि वह गैस एजेंसी पर जाकर सिलेंडर ले सके।
ईरान, इजरायल व अमेरिका के मध्य छिड़े युद्ध के बीच सम्पूर्ण विश्व में विभिन्न परेशानियों का जनता को सामना करना पड़ रहा है। जिसने भारत को भी पेट्रोल व एलपीजी गैस की परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। इसी समस्या का एक ऐसा मामला उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से सामने आया है जहां एक ग़रीब मजदूर को अपने बीमार माता पिता हेतु गैस सिलेंडर लेने के लिए 9 घंटे लाइन में लगना पड़ा है।
मामला बैंकी ब्लॉक के टिंडोला बरेठी गांव के रहने वाले अरुण कुमार का है, जो पेशे से माली हैं और शाहजहांपुर में काम करते हैं। अरुण अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य हैं। उनके माता-पिता गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। उनकी मां को हाल ही में ब्रेन हैमरेज हुआ है और पिता कैंसर से पीड़ित हैं, जिसके चलते दोनों बिस्तर पर हैं।
मजदूर अरुण ने मीडिया को बताया कि घर में गैस खत्म हो गई थी, जिससे खाना बनाना मुश्किल हो गया था। उन्होंने चार-पांच दिन पहले ही सिलेंडर बुक किया था, लेकिन समय पर डिलीवरी नहीं हो पाई। मजबूरी में उन्हें काम से छुट्टी लेकर 200 किलोमीटर दूर गांव आना पड़ा।
मुज़फ्फरनगर व्यूज़ | मुज़फ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
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