मुजफ्फरनगर- नगर पालिका ने अब टैक्स वसूलने के लिए सख्ती करनी शुरू कर दी है। जिसके चलते सरकारी भवनों पर 5 करोड से अधिक रुपए के बकाया टैक्स को वसूलने के लिए अब नगर पालिका नोटिस जारी करने की प्रक्रिया में जुट गई हैं। जिससे कि साल खत्म होने से पहले बकाए कर को वसूल किया जा सके। वित्तीय वर्ष की समाप्ति करीब आते ही मुजफ्फरनगर नगर पालिका परिषद ने टैक्स वसूली को लेकर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।
शहर के बड़े निजी बकायेदारों के साथ-साथ अब सरकारी विभाग भी नगर पालिका के रडार पर हैं। जिला अस्पताल, विकास भवन, सदर तहसील और एसएसपी कार्यालय जैसे प्रमुख सरकारी भवनों पर नगर पालिका का करीब 5.5 करोड़ रुपये का जलकर और गृहकर (हाउस टैक्स) बकाया है, जिसे वसूलने के लिए अब नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल, सदर तहसील, विकास भवन, गुड मंडी समिति और एसएसपी ऑफिस जैसे सरकारी भवनों पर मुजफ्फरनगर नगर पालिका का तकरीबन 5 करोड रुपए जलकर और भवनकर बकाया बताया जा रहा है। जिसको लेकर अब नगर पालिका की टीम नोटिस जारी करने में जुट गई है जिससे कि साल खत्म होने से पहले कुछ हद तक इस बकाए को वसूल किया जा सके। टैक्स वसूली के लक्ष्य (Target) को पूरा करने के लिए नगर पालिका ईओ प्रज्ञा सिंह बेहद सख्त नजर आ रही हैं। बताया जा रहा है कि वसूली में ढिलाई बरतने पर उन्होंने राजस्व निरीक्षकों (RI) का जनवरी माह का वेतन भी रोक दिया है। इस सख्ती के बाद अब पूरी टीम मार्च से पहले ज्यादा से ज्यादा बकाया वसूलने के लिए फील्ड में उतर गई है।
आपको बता दे कि नगर पालिका की रेवेन्यू इंस्पेक्टर पारुल यादव ने बताया है कि नगर पालिका का कई सालों से मंडी समिति पर तक़रीबन 3 करोड़ 65 लाख, जिला अस्पताल पर 32 लाख, विकास भवन पर 33 लाख, सदर तहसील पर 20 लाख और एसएसपी कार्यालय पर तकरीबन 96 लाख रुपए जलकर और गृहकर का बकाया चला आ रहा है। जिसके चलते अब बड़े बकायदारों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए नगर पालिका मुजफ्फरनगर की रेवेन्यू इंस्पेक्टर पारुल यादव ने बताया कि देखिए जैसे वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर है। तो टारगेट अचीव करना होता है उसमें हमारे बड़े बकायदारों को हम नोटिस जारी कर रहे हैं। उसमें हमारे कुछ सरकारी डिपार्टमेंट भी है, जिन पर काफी बकाया है जिसमें जैसे सरकारी हॉस्पिटल है सरकारी अस्पताल पर 32.5 लाख रुपए का बकाया है । तहसील है, विकास भवन है, मंडी समिति है, विकास भवन है जैसे उस पर 33 लाख 70 हजार रुपए का बकाया है। मंडी समिति है उस पर लगभग 3 करोड़ 65 लाख रुपए का बकाया है जिसमें से 20 लाख रुपए जमा हो चुके हैं। तो कोशिश है कि मार्च से पहले-पहले हम हमारा बकाया वसूल कर लिया जाएगा। लगभग पांच करोड़ रुपए के आसपास बकाया सरकारी विभागों पर बकाया है।
मुज़फ्फरनगर व्यूज़ | मुज़फ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
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