मुज़फ्फरनगर- हरिद्वार से गंगाजल लेकर आ रहे शिवभक्त कावड़िये का बारिश के कारण पैर फिसल गया और उनकी रीढ़ की हड्डी में फैक्चर हो गया। जिसके बाद कावड़िये को जिला अस्पताल भर्ती कराया गया। कावड़िये का आरोप है इलाज की एवज में 25 से 30 हजार रुपये तक मांगे गए जो अस्पताल के स्टाफ पर गंभीर आरोप हैं।
दरअसल, महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर गौ-माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की मनोकामना लेकर हरिद्वार से 51 लीटर गंगाजल लेकर अपने साथियों के साथ यात्रा कर रहे शिवभक्त कावड़िये विकास मेहरा की रीढ़ की हड्डी में फेक्चर हो गया। घायल विकास मेहरा ने बताया कि बाहदराबाद टोल से रुड़की बाईपास पार करते समय बारिश के कारण उनका पैर फिसल गया, जिससे उनकी रीढ़ की हड्डी में फैक्चर हो गया।
घटना के बाद उन्हें गत 4 फरवरी की शाम लगभग 7 बजे मुजफ्फरनगर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल कावड़िए विकास मेहरा ने जिला अस्पताल के स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इलाज और ऑपरेशन के नाम पर ज़िला अस्पताल कर्मियों नें उनसे अवैध रूप से धन की मांग की है। पीड़ित के अनुसार, किसी ने 25,000 रु तो किसी ने 30,000 रु तक की मांग की है।
जिससे वह और उनके साथी मानसिक रूप से आहत हो गए। इतना ही नहीं, विकास मेहरा ने यह भी आरोप लगाया कि जब वह आज सुबह अस्पताल से जाने लगे तो वहां तैनात गार्ड द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही शिवसेना के पदाधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे और घायल कावड़िये के समर्थन में अस्पताल प्रशासन के खिलाफ विरोध किया। शिवसेना नेताओं ने कहा कि सरकारी अस्पताल में इलाज के नाम पर पैसे मांगना अत्यंत निंदनीय है और यह गरीब व जरूरतमंद मरीजों के साथ अन्याय है।
उन्होंने मांग की कि ऑपरेशन के नाम पर हजारों रुपये मांगने वाले स्टाफ और अभद्रता करने वाले गार्ड के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। शिवसेना पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन आंदोलन करने को मजबूर होगा।
मुज़फ्फरनगर व्यूज़ | मुज़फ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
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