मुजफ्फरनगर- एसएसपी संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में थाना बुढ़ाना पुलिस ने एक बड़े अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह चोरी या फाइनेंस के वाहनों के इंजन और चेसिस नंबर बदलकर फर्जी दस्तावेजों के सहारे उन्हें बाजार में ऊंचे दामों पर बेचता था। पुलिस ने गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करोड़ों रुपये की संपत्ति और फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।
रविवार को मुखबिर की सूचना पर थाना प्रभारी सुभाष बाबू अत्री के नेतृत्व में पुलिस टीम ने खतौली तिराहे पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान एक संदिग्ध ट्रक (HP 97 A 8577) को रोकने का इशारा किया गया, तो चालक ने भागने का प्रयास किया। पुलिस ने घेराबंदी कर ट्रक में सवार मेहरबान अली और अफजाल (दोनों निवासी झिंझाना, शामली) को दबोच लिया।
भारी मात्रा में नकदी और वाहन बरामद
पुलिस ने अभियुक्तों की निशानदेही पर कुल 1 करोड़ 15 लाख रुपये की संपत्ति का खुलासा किया है। बरामदगी का विवरण इस प्रकार है-
नकदी: 05 लाख रुपये नगद।
वाहन: 04 ट्रक और 02 मोटरसाइकिल।
दस्तावेज: 08 फर्जी आधार कार्ड, 06 आरसी, फर्जी नंबर प्लेट और मोबाइल फोन।
कैसे देते थे धोखाधड़ी को अंजाम?
पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए। वे फाइनेंस पर वाहन खरीदकर या चोरी के वाहनों के इंजन-चेसिस नंबर बदल देते थे। इसके बाद फर्जी आधार कार्ड के जरिए बैंक खाते खुलवाते और अरुणाचल प्रदेश जैसे दूरदराज के राज्यों से फर्जी आरसी (RC) बनवाकर वाहनों को असली बताकर जनता को बेच देते थे। मुख्य आरोपी मेहरबान अली का लंबा आपराधिक इतिहास है, जिस पर दिल्ली, हरियाणा और शामली में आधा दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस टीम को 20 हजार का इनाम
इस सराहनीय कार्य के लिए एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बुढ़ाना पुलिस टीम की पीठ थपथपाई है और पूरी टीम को 20,000 रुपये के नकद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की है। पुलिस अब गिरोह के अन्य नेटवर्क और उनके द्वारा बेचे गए अन्य वाहनों की तलाश में जुट गई है।
मुज़फ्फरनगर व्यूज़ | मुज़फ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
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