मुजफ्फरनगर- मीरापुर विधानसभा क्षेत्र की मोरना सहकारी चीनी मिल की पेराई क्षमता बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश शासन से ₹261.91 करोड़ की ऐतिहासिक मंजूरी मिलने के बाद शनिवार को मोरना में जश्न का माहौल था। लेकिन यह जश्न जल्द ही रालोद की ‘अंतर्कलह’ में बदल गया। सांसद चंदन सिंह चौहान द्वारा बुलाई गई प्रेस वार्ता में क्षेत्रीय विधायक मिथिलेश पाल की अनदेखी और प्रोटोकॉल के उल्लंघन ने सियासी पारा गरमा दिया।
होर्डिंग से फोटो गायब…
प्रेस वार्ता के लिए लगाए गए मुख्य बैनर और होर्डिंग से मीरापुर विधायक मिथिलेश पाल का फोटो गायब था। इससे नाराज विधायक ने प्रेस वार्ता में पहुँचने के बावजूद मंच पर बैठने से साफ़ इनकार कर दिया। सांसद चंदन चौहान के बार-बार बुलाने पर भी वह नीचे ही बैठी रहीं।
कैबिनेट मंत्री को करना पड़ा हस्तक्षेप
स्थिति बिगड़ती देख कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार खुद मंच से नीचे उतरकर आए। उन्होंने विधायक मिथिलेश पाल का हाथ पकड़कर उन्हें मनाया और आग्रह करके मंच पर लेकर गए। हालांकि, विधायक के समर्थकों ने उन्हें मंच पर न जाने की सलाह दी थी, लेकिन मंत्री के सम्मान में वह मंच पर बैठने को राजी हुईं।
मीडिया से बात करते हुए मिथिलेश पाल ने अपनी नाराजगी का कारण साफ़ किया। उन्होंने कहा- ”मोरना मिल की क्षमता बढ़ना किसी एक का प्रयास नहीं है। मैं 2009 से इसके लिए संघर्ष कर रही हूँ। जब सांसद (चंदन चौहान) खुद ही बोल लिए, तो फिर मेरे बोलने का कोई औचित्य नहीं बचा। प्रोटोकॉल के हिसाब से क्षेत्रीय विधायक को सम्मान मिलना चाहिए था, लेकिन यहाँ दिखावा ज्यादा किया गया।”
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह विवाद केवल एक फोटो का नहीं है। चंदन चौहान के सांसद बनने के बाद उनकी पत्नी यशिका सिंह चौहान मीरापुर से प्रबल दावेदार थीं, लेकिन पार्टी ने मिथिलेश पाल को टिकट दिया। तब से दोनों गुटों के बीच आपसी तालमेल की कमी आज सार्वजनिक रूप से सबके सामने आ गई।
सांसद ने दी बजट की जानकारी
विवादों के बीच, सांसद चंदन सिंह चौहान ने बताया कि बिजनौर लोकसभा और मीरापुर विधानसभा के किसानों की बरसों पुरानी मांग पूरी हो गई है। मिल की पेराई क्षमता बढ़ने से क्षेत्र के किसानों को गन्ना तौल में बड़ी राहत मिलेगी।
मुज़फ्फरनगर व्यूज़ | मुज़फ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
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