मुजफ्फरनगर- भारतीय संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में भोपा रोड स्थित सनातन धर्म (एसडी) डिग्री कॉलेज में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। ‘भारतीय भाषा परिवार एवं ज्ञान परम्परा’ विषय पर आधारित इस कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में माँ शाकुम्भरी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. विमला वाई और विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल उपस्थित रहे। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा दो महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने भारतीय संस्कृति के गौरवशाली अतीत को याद किया। उन्होंने कहा कि भारत में विभिन्न परंपराओं, भाषाओं और पूजा पद्धतियों की विविधता होने के बावजूद भी हम सांस्कृतिक रूप से एक हैं। उन्होंने नालंदा जैसे प्राचीन विश्वविद्यालयों का उदाहरण देते हुए कहा कि हमारे समृद्ध इतिहास और 10 लाख से अधिक पांडुलिपियों को नष्ट कर भारतीय ज्ञान परंपरा को विस्मृत करने का प्रयास किया गया था।
राज्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी संगोष्ठियां बच्चों को भारतीय संस्कारों और जड़ों से जोड़ने में सहायक होती हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी भाषा और ज्ञान परंपरा पर गर्व करने का आह्वान किया।
कुलपति प्रो. विमला वाई ने भी शिक्षा में भारतीय मूल्यों के समावेश पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के प्राचार्य और अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए। संगोष्ठी में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और प्रबुद्ध जनों ने भाग लिया, जिन्होंने भारतीय ज्ञान परम्परा के विभिन्न पहलुओं को गहराई से समझा।
मुज़फ्फरनगर व्यूज़ | मुज़फ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
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