मुज़फ्फरनगर- खाताधारक को बैंक की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ा, खाताधारक के एटीएम से 12 लाख 93 हजार निकलने पर बैंक कर्मचारियों पर हुई कार्यवाही। जिला सहकारी बैंक की जनपद शामली की गढ़ी पुख़्ता ब्रांच का मैनेजर को भी सस्पेंड किया गया।
जिला सहकारी बैंक के सचिव राजेश कुमार (मुख्य कार्यपालक अधिकारी) ने जानकारी देते हुए बताया की बैंक की गढ़ी पुख्ता (शामली) शाखा में रियाजत अली का खाता है जिसमें से क़रीब 2 माह के अन्दर ही लाखों रुपये एटीएम के माध्यम से साफ़ हो गए। जिसकी भनक तक खाताधारक को नहीं लगी।

जानकारी के अनुसार, रियाजत अली अपना एटीएम कार्ड ही ले जाना भूल गया जो बैंक में ही रह गया जो किसी अन्य के हाथ लगा और 2 महीने में 12 लाख 93 हजार की धनराशि धीरे-धीरे निकल गयी। खाताधारक रियाजत अली को इसका पता तब चला, जब वह पैसे निकालने बैंक पहुँचा। बैंक द्वारा रियाजत अली को एटीएम कार्ड जारी तो हुआ मगर वह बैंक से अपना एटीएम कार्ड लेकर ही नही गया, जिसे संभालकर व सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी बैंक की होती है लेकिन लापरवाही और अनुशासन हीनता की कार्यवाही कर्मचारियों के साथ साथ प्रबंधक को झेलनी पड़ी।
जिला सहकारी बैंक के सचिव राजेश कुमार के अनुसार, खाताधारक के एटीएम कार्ड से निकली अधिकांश धनराशि गाजियाबाद के लोनी से निकाली गई है। जिसकी जाँच की जा रही है खाताधारक रियाजत अली व बैंक की तरफ़ से पुलिस में शिकायत भी दे दी गयी। जिसके आधार पर पुलिस भी जाँच में जुट चुकी है।
बैंक कर्मियों पर कार्यवाही
उक्त प्रकरण में शाखा प्रबंधक विनय दत्त व वर्किंग कर्मचारी अरविंद कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है जबकि एक अन्य बैंक कर्मचारी मर्यादा सिंह के विरुद्ध अनुशासनहीनता की कार्यवाही की गई है।
राजेश कुमार के अनुसार खाताधारक लियाजत अली के एटीएम से निकाले गए 12 लाख 93 हजार रुपये खाताधारक को वापस करा दिए गए हैं और वो भी उक्त जिम्मेदार बैंक कर्मियों ने स्वयं एकत्रित कर वापस किये गए। अब सवाल ये उठता है क्या वास्तव में खाताधारक के एटीएम से निकाली गई धनराशि में ये तीनों बैंक कर्मी शामिल थे, हालांकि पुलिस और बैंक विभिन्न तथ्यों की जांच में जुटे हुए हैं।













