स्वस्थ रहना है तो प्राणायाम करें- डॉ० तनेजा

By muzaffarnagarviews

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If you want to stay healthy then do Pranayam- Dr. Taneja


पतंजलि योग सूत्र में अष्टांग मुख्य बिंदु बताऐ गऐ है इसमें सर्वाधिक महत्वपूर्ण प्राणायाम है, प्राणायाम का अभिप्राय मूल रूप से श्वास को नियंत्रण में करना है। उक्त विचार तारिणी रिजॉर्ट्स और वैलनेस सेंटर की ओर से आयोजित योग गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ० एम० के० तनेजा ने प्रकट किये।


भ्रामरी प्राणायाम में पीएचडी डॉ एम०के०तनेजा ने कहा कि कोरोना जैसी भयंकर बीमारियों से भी प्राणायाम करके बचा जा सकता है। प्राणायाम का अर्थ विभिन्न प्रकार से प्राणों का व्यायाम कहलाता है डॉ०तनेजा ने उन्मुक्त मुद्रा, ग्रीवास्थि आकर्षणम्,नाडी शोधन, उज्जायी, कपालभाति, भस्त्रिका,भ्रामरी सूर्य भेदी प्राणायाम चंद्रभेदी प्राणायाम, अनुलोम विलोम इत्यादि के विषय में विस्तार से चर्चा की एवं अभ्यास भी कराया। डॉ तनेजा ने श्वास सही प्रकार से लेने की प्रक्रिया पर जोर दिया।

डॉ तनेजा ने बताया कि योग आसन के पूर्ण लाभ के लिए कम से कम 30 सेकेन्ड ठहरना, सांस को बाहर या अंदर रोकना (कुंभक) मुस्कुराना और शरीर को शिथिल कर आनंदित होना आवश्यक है। इस अवसर पर महामृत्युंजय सेवा मिशन के अध्यक्ष योगाचार्य संजीव शंकर ने कहा कि योग सामान्य रूप से शरीर को स्वस्थ रखने का एक अच्छा माध्यम है इसे से धर्म या जाति में नहीं बांटना चाहिए जिस प्रकार अस्वस्थ होने पर हम चिकित्सक के पास जाते हैं इस प्रकार योग अपनाकर हम स्वस्थ रह सकते हैं।

योर गोष्ठी में होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रवेंद्र दहिया, दिल्ली से पधारे विनोद कश्यप, योगाचार्य संत कुमार, योगासन स्पोर्ट्स एलाइंस संगठन की मंत्री सीमा सिंह, अरविंद गुप्ता ने भी अपने विचार प्रकट किए। कार्यक्रम का शुभांरभ डॉ० एम०के० तनेजा, पं० संजीव शंकर, कीर्ति वर्धन, विनोद कश्यप, प्रवेंद्र दहिया, सीमा सिंह ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित किया। तारिणी रिजॉर्ट्स और वैलनेस सेंटर की अध्यक्ष डॉक्टर तारिणी ने उपस्थित योग शिक्षकों का भार व्यक्त करते हुए कहा कि योग करते हुए प्रसन्न रहना अति आवश्यक है हमारे अंदर की नकारात्मक ऊर्जा प्रसन्न रहने से ही समाप्त हो जाती है गोष्ठी की अध्यक्षता कवि कीर्ति वर्धन अग्रवाल ने की।

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