लखनऊ- मंगलवार को हुई यूपी कैबिनेट की अहम बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर लगी मोहर, अब बुजुर्ग माता-पिता की सेवा ना करना पड़ेगा संतान को भारी, संतान होगी सम्पत्ति से बेदखल। और इसके अतिरिक्त यूपी में डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र 62 से बढ़ाकर की गई 65 साल कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मंगलवार को इसका प्रस्ताव कैबिनेट बैठक में रखा गया, जिसे कैबिनेट की मंजूरी भी मिल गयी है। यूपी में अभी डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र 62 साल है।
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प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा- यूपी में डॉक्टरों की रिटायरमेंट की उम्र 3 वर्ष बढ़ा दी गयी है, जिसे 62 वर्ष बदलकर 65 वर्ष कर दी गयी है।
यूपी कैबिनेट में प्रस्ताव पास होने के बाद अब पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर कोई बिल्डर या प्रॉपर्टी डीलर खरीद फरोख्त नहीं कर सकेंगे।
इसके अतिरिक यूपी कैबिनेट की बैठक में अन्य कई प्रस्ताव पास किये गए जिसमें नगर की सड़कें बनाना व सौंदर्यीकरण भी शामिल है।
➡️ डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र अब बढ़कर हुई 65 वर्ष
➡️ माता-पिता की सेवा ना करने वाली संतान होंगी संपत्ति से बेदखल
➡️ पॉवर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर नहीं होगी सम्पत्ति की खरीद-फ़रोख़्त
➡️ यूपी में हवाई अड्डों की तर्ज पर बनेंगे बस स्टैंड, बस अड्डों का होगा आधुनिकरण
➡️ शहरी सड़कों की मरम्मत से लेकर नई सड़कों के निर्माण के लिए 500 करोड़ की मंजूरी, नगर निकायों की सड़के हाइवे की तर्ज पर बनेगी।
समेत कई प्रस्तावों को मिली यूपी कैबिनेट की मंजूरी


















