सुंदर मुंदरिये हो! तेरा कौन विचारा हो! दुल्ला भट्टी वाला हो!.. के लोकगीत लोहड़ी पर गाए जाते हैं, लेकिन आधुनिकता के प्रभाव में गीत अब बहुत कम ही सुनने को मिलते हैं, परंतु बदलते समय के साथ यह सुखद बदलाव जरूर हुआ है कि अब कई परिवार लड़कों की लोहड़ी के साथ-साथ लड़कियों की भी लोहड़ी मना रहे हैं।

ऐसा ही उदाहरण पेश किया आज समाज सेवी व मिट्स के फाउंडर , उद्यमी एम् के भाटिया ने जब उन्होंने अपने महिला सहकर्मियों की विशेष लोहड़ी का आयोजन किया ! एम के भाटिया ने इस अवसर पर बताया कि महिला सशक्तिकरण की बात तो सभी करते हैं लेकिन सही मायने में महिलाओं को शक्तिमान करना ही आज के समाज की माँग है और विश्व भर में महिलाओं की बढ़ती शक्ति इसका प्रमाण है!


















